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देवशाली ने की रामायण एवं महाभारत को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने की सिफारिश की प्रशंसा

चंडीगढ़:~भारतीय जनता पार्टी के प्रशिक्षण विभाग के संयोजक शक्ति प्रकाश देवशाली ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की उच्चस्तरीय समिति द्वारा रामायण एवं महाभारत को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने की सिफारिश की प्रशंसा करते हुए इसे देश की आने वाली पीढ़ी के लिए हितकारी बताया। देवशाली ने कहा कि रामायण को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने से जहाँ शिशुओं को प्रभु राम के जीवन के बारे में शिक्षा प्राप्त होगी वहीं उनके बालमन पर अच्छे नैतिक मूल्य, माता पिता का सम्मान, बुराई पर अच्छाई की जीत,अपने वचन पर कायम रहना, मातृभूमि से प्रेम, परिवार में भाईचारा आदि गुणों के बारे में गहरी छाप पड़ेगी। यह शिक्षा उन्हें जीवन में सदैव उच्च मूल्यों पर चलने हेतु प्रेरित करेगी। उन्होंने महाभारत को भी सम्मिलित करने की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसमें वर्णित कई घटनाओं से जीवन के अमूल्य पाठ सीखने को मिलेंगे जैसे ‘पक्षी की आँख’ पर अर्जुन द्वारा निशाना लगाने की घटना यह सिखाती है कि हमें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कुसंगति नहीं करनी चाहिए।

क्रोध पर अंकुश लगाना चाहिए। सदैव धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। अनीति का अनुसरण नहीं करना चाहिए। काम-क्रोध-मोह-लोभ को छोड़ धर्म का अनुसरण करना चाहिए।देवशाली ने एनसीईआरटी द्वारा किए जा रहे प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि रामायण और महाभारत किसी धर्म के ग्रन्थ न होकर जीवन जीने की कला सिखाने वाले ग्रंथ हैं जो मनुष्य को जीवन के लक्ष्य का ज्ञान देते हैं और स्वयं के अपितु समाज, देश और धर्म के प्रति संकल्पित रहने हेतु प्रेरित करते हैं।

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